Debit और credit को समझने का आसान तरीका यह है कि हमेशा यह देखें “किसका हिसाब देख रहे हैं – बैंक का या संस्था (PACS/ERP) का?”। बैंक की नज़र से debit–credit उल्टा दिखता है, जबकि संस्था (ERP लेजर) में सामान्य accounting rule चलते हैं।
Basic rule (Accounting point of view)
- किसी भी ERP / accounts में Asset (जैसे Cash, Saving Bank Account) बढ़े तो Debit, घटे तो Credit होता है।
- Liability (जैसे Bank की आपके ऊपर देनदारी) बढ़े तो Credit, घटे तो Debit होता है।
- ERP में आपका “Saving Bank A/c (DCCB/BCCB)” आमतौर पर Asset माना जाता है, और “Cash on Hand” भी Asset होता है।
Bank vs संस्था का फर्क
- बैंक की किताबों में आपका Saving Account = बैंक की Liability (बैंक को आपसे उतना पैसा लौटाना है)।
- इसलिए बैंक statement में:
- लेकिन संस्था की ERP में वही Saving Account = संस्था का Asset है।
यही कारण है कि वीडियो में बताया है: “बैंक स्तर पर Credit है तो संस्था स्तर पर Debit पकड़ते हैं, और बैंक स्तर पर Debit है तो संस्था स्तर पर Credit।”
Example 1: Bank ने ₹20 debit कर दिए
मान लीजिए बैंक में आपके Saving A/c में ₹1000 था और किसी कारण से बैंक ने ₹20 debit कर दिए (जैसे DMR transfer या कोई charge)।
- बैंक की किताब में: ₹20 Debit (liability 1000 → 980)।
- संस्था ERP में: Saving Bank asset 1000 → 980, यानी ₹20 Credit (asset कम हुआ)।
अगर वह ₹20 किसी और head (जैसे DMR जमा, खर्च आदि) में आपको “मिला/transfer हुआ” माना जा रहा है, तो:
- ERP entry (simple रूप में):
- Debit: संबंधित head (जैसे DMR / खर्च) ₹20
- Credit: Saving Bank A/c ₹20
Example 2: Bank में पैसा जमा (Saving से DMR या सीधे जमा)
- संस्था ने बैंक में ₹5,000 जमा किए (Cash on Hand से Saving में डाला):
- Saving से किसी को payment किया (जैसे Printing & Stationery bill ₹5,000 चेक़ से):
- बैंक statement: आपके Saving से Debit ₹5,000 (liability घटी)।
- संस्था ERP:
- Saving Bank (asset) घटा → Credit ₹5,000
- Printing & Stationery expense बढ़ा → Debit ₹5,000
वीडियो में Other Transfer voucher में यही entry दिखाई गई है: Saving A/c को Credit, और खर्च वाले head (Printing & Stationery) को Debit।
ERP में याद रखने का Shortcut (PACS context)
- हमेशा सोचिए: “ये खाता मेरे लिए Asset है या Liability?” PACS CAS manual में भी debit–credit के वही सामान्य rules दिए हैं।
- Asset type head (Cash, Saving Bank, Fixed Assets, Stock): बढ़े → Debit, घटे → Credit।
- Liability / Income type head (Loan Taken, Members’ Deposit, Income heads): बढ़े → Credit, घटे → Debit।
और जब confusion हो कि बैंक का Debit/ Credit और संस्था का उल्टा क्यों दिख रहा है, तो बस याद रखिए: बैंक statement बैंक की नज़र से है, ERP लेजर संस्था की नज़र से।


